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  • वसंत नवरात्रि मेला
    भद्रकाली मन्दिर (कुरूक्षेत्र)

  • चैत्र सप्तमी मेला
    र्कुकृत्यनाशन तीर्थ कौकत, कैथल

  • चैत्र अष्टमी मेला
    नव दुर्गा तीर्थ देवीगढ (कैथल)

  • चैत्र शुक्ल दशमी मेला
    पुण्डरीक तीर्थ, पुण्डरी (कैथल)

  • वैसाखी मेला
    सप्त सारस्वत तीर्थ मांगना (कुरूक्षेत्र)

  • वैसाख पूर्णिमा मेला
    रामह्रद तीर्थ रामराय (जीन्द)

  • सोमवती अमावस्या मेला
    ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर (कुरूक्षेत्र) सोम तीर्थ पाण्डू पिण्डारा जीन्द, लोकोधार तीर्थ, लोधार (जीन्द) तरंतुक यक्ष तीर्थ सीँख (पानीपत) सूर्य कुण्ड हाबड़ी (कैथल) रसमंगल तीर्थ सोगंल (जीन्द) फल्गू तीर्थ फफड़ाना (करनाल)

  • ज्येष्ठ पूर्णिमा मेला
    रसमंगल तीर्थ जाखोली (कैथल)

  • आषाढ शुक्ल द्वादशी मेला
    वराह तीर्थ वराह कलां (जीन्द)

  • श्रावण अष्टमी मेला
    स्गंधर्व तीर्थ गोहरां खेड़ी (कैथल)

  • श्रावण शिवरात्रि मेला
    अरूणाय तीर्थ पेहवा, अदिति तीर्थ अमीन, स्थानेश्वर महादेव मंदिर (कुरूक्षेत्र) भूतेशवर तीर्थ, सोम तीर्थ पाण्डू पिण्डारा (जीन्द) खटवांगेश्वर तीर्थ खण्डालवा, ग्यारह रूद्री तीर्थ (कैथल)

  • भाद्रपद शुक्ल एकादशी मेला
    देवी तीर्थ कलशी, कैथल

  • भाद्रपद पूर्णिमा मेला
    स्ब्रह्मोदुम्बर तीर्थ शीला खेड़ी(कैथल)

  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला
    नाभिकमल तीर्थ(कुरूक्षेत्र), पवनहृद तीर्थ पबनावा, ऋणमोचन तीर्थ रसीना(कैथल), तरन्तुक यक्ष सीँख(पानीपत)

  • भाद्रपद कृष्ण एकादशी मेला
    देवी तीर्थ कलशी (कैथल)

  • भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी मेला
    आपगा तीर्थ गादली (कैथल)

  • रविवारीय शुक्ल सप्तमी मेला
    काम्यक तीर्थ कमोदा (कुरूक्षेत्र)

  • वामन द्वादशी मेला
    सन्निहित सरोवर (कुरूक्षेत्र)

  • सोमवती अमावस्या मेला
    ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर (कुरूक्षेत्र) सोम तीर्थ पाण्डू पिण्डारा, लोकोधार तीर्थ, लोधार (जीन्द) तरंतुक यक्ष तीर्थ सीँख(पानीपत) सूर्य कुण्ड हाबडी, रसमंगल तीर्थ जाखोली(कैथल) फल्गू तीर्थ, फफड़ाना (करनाल)

  • फल्गू मेला
    फल्गू तीर्थ फरल(कैथल)

  • आश्विन अष्टमी मेला
    नव दुर्गा तीर्थ देवीगढ़(कैथल)

  • कार्तिक अमावस्या मेला
    पृथ्वी तीर्थ बालू(करनाल)

  • कार्तिक पूर्णिमा मेला
    ब्रहामसरोवर,सन्निहित सरोवर (कुरुक्षेत्र)रामहृत तीर्थ रामसराय (जीन्द) तरतुंक यक्ष तीर्थ सींख (पानीपत) कपिलमुनि तीर्थ, कलायत, रसमंगल तीर्थ जाखोली (कैथल)

  • गीता जयंती मेला
    ब्रहामसरोवर,कुरुक्षेत्र

  • फाल्गुन शिवरात्रि मेला
    अरुणाय तीर्थ पेहवा,अदिति तीर्थ अमीन,स्थानेश्वर महादेव मंदिर (कुरुक्षेत्र) भूतेशवर तीर्थ,सोम तीर्थ पिण्डारा, खटवांगेश्वर तीर्थ खडालवा(जीन्द) ग्यारहरुद्री तीर्थ, कैथल

  • फाल्गुन शुक्ल द्वादशी मेला
    वराह तीर्थ,बराहकलां(जीन्द)

  • चैत्र चौदस मेला
    सरस्वती तीर्थ पेहवा(कुरुक्षेत्र)




  • कुरुक्षेत्र की अष्टकोशी परिक्रमा
    नाभिकमल तीर्थ से प्रारंभ होकर कार्तिक मंदिर,स्थानेश्वर महादेव मंदिर,भद्रकाली मंदिर,कुबेर तीर्थ, सरस्वती खेडी रामनगर,रंतुक यक्ष पिपली,शिव मंदिर पलवल,बाणगंगा दयालपुर,भीष्म कुण्ड नरकातारी, अन्त में नाभिकमल मंदिर थानेसर में समपन्न ।

Welcome to Official website of Kurukshetra Development Board, Kurukshetra

Kurukshetra as a pilgrimage destination has been in the limelight ever since the days of Mahabharata. Originally it was a pilgrimage visited by millions of pilgrims. However, the destination Kuruksheta also has an additional dimension for being regarded as the cradle of Vedic civilisation and the land of Bhagawadgita. Historically speaking, the antiquity of Kurukshetra dates back to the Indus valley civilisation. Kurukshetra is one of those few destinations, which is a perfect blend of religious sanctity and cultural fervor. Thus, Kurukshetra is an amalgamation of multiple cultural and religious attractions, in the forms of sacred bathing tanks and historical monuments. With a view to protect the ancient heritage and age old tradition of Kurukshetra the necessity for establishing a Board for preserving the heritage of the pilgrimage was felt by the Bharat Ratna late Sh. Gulzari Lal Nanda, the founder Chairman of Kurukshetra Development Board. The Kurukshetra Development Board was constituted by the Haryana Government on 1st August, 1968 under the Chairmanship of Sh. Gulzari Lal Nanda. The broad objectives for which the Kurukshetra Development Board was constituted include overall comprehensive development of the Kurukshetra Area including its landscaping, renovation of historical buildings and tanks and providing of civic amenities to the visiting pilgrims and tourists as well as up keeping and maintenance of the tirthas.

Kurukshetra.gov.in